भोपाल – नए वाहनों पर सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट के आधार पर मोटरयान कर में 50% छूट का निर्णय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) में जमा कराए गए बीएस-1 और उससे पूर्व के मानक वाले वाहनों तथा बीएस-2 मानक वाले मध्यम एवं भारी मालवाहक और यात्री वाहनों के बदले प्राप्त सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट पर नया वाहन पंजीकृत कराने पर मोटरयान कर में 50% की छूट दी जाएगी।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1563 नए वाहनों पर लगभग 17.05 करोड़ रुपये की कर छूट दी जा चुकी है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 99 हजार बीएस-1 और बीएस-2 श्रेणी के वाहन सड़क पर चल रहे हैं। इस व्यवस्था से सरकार पर करीब 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। वहीं, भारत सरकार द्वारा स्क्रैपिंग नीति को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश को 200 करोड़ रुपये की विशेष सहायता प्रदान की जाएगी।

सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट संबंधित वाहन स्वामी के नाम से जारी होगा और केवल उसी नाम पर नया वाहन खरीदे जाने पर कर छूट का लाभ मिलेगा। यह प्रमाणपत्र जारी होने की तिथि से तीन वर्ष तक वैध रहेगा तथा इलेक्ट्रॉनिक रूप से विनिमय योग्य होगा। एक बार उपयोग के बाद इसे वाहन डेटाबेस में “रद्द” चिह्नित कर दिया जाएगा।

छूट केवल उन्हीं नए वाहनों पर लागू होगी, जो मध्यप्रदेश में स्थित आरवीएसएफ द्वारा जारी सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट के आधार पर पंजीकृत होंगे। अन्य राज्यों से जारी प्रमाणपत्र पर छूट नहीं मिलेगी। साथ ही, जिस श्रेणी का वाहन स्क्रैप किया गया है, उसी श्रेणी का नया वाहन लेने पर यह सुविधा उपलब्ध होगी। जीवनकाल कर जमा किए जाने पर एकमुश्त 50% छूट दी जाएगी, जबकि मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक कर वाले वाहनों को 8 वर्ष तक 50% छूट का लाभ मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि परिवहन विभाग द्वारा 8 सितंबर 2022 को जारी अधिसूचना के अंतर्गत दी गई कर छूट इस नई व्यवस्था में शामिल नहीं होगी।

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