संबल योजना श्रमिकों का वास्तविक सहारा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, 7,953 हितग्राहियों को 175 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति में सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है और संबल योजना उसी भावना को साकार करती है। उन्होंने मंगलवार को मंत्रालय से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए 7,953 श्रमिक हितग्राहियों के खातों में 175 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना श्रमिक भाई-बहनों के जीवन में कठिन समय का सहारा है।
प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 77 लाख से अधिक श्रमिकों का संबल योजना में पंजीयन हो चुका है और प्रक्रिया निरंतर जारी है। 2018 से अब तक 7 लाख 60 हजार से अधिक प्रकरणों में लगभग 7 हजार करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रमिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को सशक्त बनाने के लिए “श्रीपहल” को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा मार्च 2024 से गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों की नई श्रेणी को भी योजना में शामिल किया गया है। पत्थर तोड़ने वाले, ईंट बनाने वाले, पापड़-अचार तैयार करने वाले, घरों में काम करने वाले, तेंदूपत्ता संग्रहक और अन्य असंगठित श्रमिक परिवार भी योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
संबल योजना के अंतर्गत अपंगता, दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता, अंतिम संस्कार के लिए अनुग्रह राशि तथा आयुष्मान भारत निरामय योजना के तहत 5 लाख रुपये तक निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि यह पाँचवीं बार है जब श्रमिकों के खातों में सिंगल क्लिक से राशि अंतरित की गई है। 28 दिसम्बर 2024 तक लंबित सभी प्रकरणों का निराकरण कर दिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में प्रभावित परिवार को कम से कम समय में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल, सचिव रघुराज राजेन्द्रन और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

