सीधी में बायोचार निर्माण का प्रशिक्षण शुरू, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
मध्यप्रदेश के Sidhi जिले की ग्राम पंचायत उड़ैसा में दो दिवसीय बायोचार निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण मध्य प्रदेश राज्य आजीविका मिशन, जिला पंचायत सीधी एवं अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान के सहयोग से हरित भारत फंड परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शैलेंद्र सिंह सोलंकी और जिला परियोजना प्रबंधक पुष्पेंद्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है। प्रशिक्षण में 30 महिला उत्पादक समूहों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
हैदराबाद से आईं प्रशिक्षक देवर्ती चक्रवर्ती ने लैंटाना (गुलमेंहदी) और बांस से बायोचार निर्माण की तकनीक सिखाई। उन्होंने कोन-टिकी विधि के माध्यम से इसका व्यवहारिक प्रदर्शन भी किया, जिसे प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सीखा।
प्रशिक्षक ने बताया कि बायोचार मृदा स्वास्थ्य सुधारने में अत्यंत उपयोगी है। इसे जैविक खाद के साथ मिलाकर उपयोग करने से मिट्टी में कार्बन की मात्रा बढ़ती है, जल धारण क्षमता में सुधार होता है और सूक्ष्मजीवों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होता है। यह रासायनिक उर्वरकों का एक प्रभावी विकल्प भी है।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत उड़ैसा की सरपंच रेश्मि गुप्ता ने ग्रामीणों से इस नवाचार को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल गांव बल्कि पूरे जिले के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक बनेगी।


