हिमाचल में बारिश से टूटी सड़कों की बहाली का कार्य यद्ध स्तर पर जारी: विक्रमादित्य सिंह

हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि भारी बारिश के कारण बंद पड़ी सड़कों की बहाली का कार्य पूरे प्रदेश में युद्ध स्तर पर जारी है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण पर विभाग द्वारा 1500 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण कई सड़कों को बहाल करने के बाद वे फिर से बंद हो रही हैं, जिससे कार्य में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि मंडी, शिमला और कुल्लू जिलों में सबसे अधिक नुकसान हुआ है और इन क्षेत्रों में राहत व पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होने बताया कि प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि नदी और नालों के 100 मीटर के दायरे में कोई भी सरकारी भवन नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने मंडी जिले के थुनाग में नदी किनारे बने हॉर्टिकल्चर कॉलेज के क्षतिग्रस्त होने का उदाहरण देते हुए कहा कि भविष्य में निर्माण स्थलों का चयन और अधिक सोच-समझकर किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल में फोरलेन निर्माण के दौरान अधिक से अधिक टनल (सुरंगें) बनाने की योजना है ताकि पहाड़ियों की कटिंग को कम किया जा सके। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी बात की है। उन्होंने कहा कि फोरलेन परियोजनाएं वैज्ञानिक तरीके से पूरी की जाएं ताकि बरसात के दौरान नुकसान को रोका जा सके।

उन्होने बताया कि प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान 1499 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता केंद्र सरकार से मिली है, जिसके लिए उन्होंने आभार जताया। यह राशि विशेष रूप से लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के रखरखाव और पुनर्निर्माण पर खर्च की जाएगी, और इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं।

  • सरकार ने सड़कों के पुनर्निर्माण पर खर्च किए 1500 करोड़, नदी किनारे निर्माण पर लगेगी रोक
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  • सरकार ने सड़कों के पुनर्निर्माण पर खर्च किए 1500 करोड़, नदी किनारे निर्माण पर लगेगी रोक

बाईट : विक्रमादित्य सिंह: लोक निर्माण मंत्री हिमाचल सरकार

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