सिंधु जल विवाद पर भारत का रुख स्पष्ट – मध्यस्थता न्यायालय को नहीं मान्यता : विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के नेताओं की भारत-विरोधी टिप्पणियों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए बार-बार ऐसी बयानबाजी करना पाकिस्तान की पुरानी प्रवृत्ति है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी दुस्साहस के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और पाकिस्तान को संयम बरतना चाहिए।
सिंधु जल संधि पर बोलते हुए जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत, तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय की वैधता, औचित्य या अधिकार क्षेत्र को कभी स्वीकार नहीं करता। उनके अनुसार, इस न्यायालय के निर्णय का कोई आधिकारिक आधार नहीं है और यह भारत के जल उपयोग के अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं डालता।
भारत-अमेरिका संबंधों पर प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक और दीर्घकालिक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है, जो साझा हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों और मजबूत जन-से-जन संबंधों पर आधारित है। उन्होंने बताया कि यह रिश्ता समय-समय पर अनेक बदलावों और चुनौतियों से गुजरा है, लेकिन दोनों पक्ष ठोस और व्यावहारिक एजेंडे पर केंद्रित हैं। भविष्य में यह संबंध आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर और मजबूत होने की उम्मीद है।

