जर्मनी दौरे पर रक्षा मंत्री: पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य पर जताई चिंता

भारत के रक्षा मंत्री Rajnath Singh इन दिनों Germany के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जहां उन्होंने वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। अपने दौरे के पहले दिन उन्होंने West Asia में जारी तनाव और संघर्ष पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसका असर केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है।

उन्होंने विशेष रूप से Strait of Hormuz का उल्लेख करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य में किसी भी प्रकार का व्यवधान भारत के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है, और यहां अस्थिरता से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज की दुनिया पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों प्रकार के सुरक्षा खतरों का सामना कर रही है। तेजी से हो रहे तकनीकी परिवर्तन ने इन चुनौतियों को और जटिल बना दिया है, जिससे देशों को अपनी रणनीतियों में बदलाव लाने की आवश्यकता है।

उन्होंने भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, दोनों देशों के रक्षा औद्योगिक तंत्र के बीच सहयोग बढ़ाने से न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता को भी बढ़ावा मिलेगा।

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